Operating System क्‍या है ? इसके प्रकार | Types of Operating System

Operating System क्‍या है ? इसके प्रकार 

Operating System एक प्रकार का सिस्‍टम सॉफ्टवेयर है जो यूज़र को कम्‍प्‍यूटर से इंटरेक्‍ट करने  में मदद करता है ।

तथा एप्‍लीकेशन प्रोग्राम को रन कराने के लिये प्‍लेटफॉर्म प्रोवाइड करता है ।

ऑपरेटिंग सिस्‍टम एप्‍लीकेशन सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर के बीच interface प्रोवाइड करता है ।                         

ऑपरेटिंग सिस्‍टम का कार्य फाइल मैनेजमेंट, हार्डवेयर मैनेजमेंट, मेमोरी मैनेजमेंट तथा इनपुट और आउटपुट के बीच co-ordination करना होता है।

जैसा कि हम जानते है कम्‍प्‍यूटर केवल बाइनरी भाषा ही समझता है ।

लेकिन हम जो कमांड कम्‍प्‍यूटर को देते है । वह ह्यूमन लैंग्‍वेज में होता है ।

जिसे हम तो समझ सकते हैं पर कम्‍प्‍यूटर नहीं समझता क्‍योंकि वह 0,1 बाइनरी डिजिट होता है ।

ऑपरेटिंग सिस्‍टम हमारे और कम्‍प्‍यूटर के बीच का एक माध्‍यम है जो  हमें कम्‍प्‍यूटर से interact करने की सुविधा प्रदान करता है ।

जिससे हम कम्‍प्‍यूटर को अपनी भाषा में instruction देते हैं ।

तथा कम्प्‍यूटर अपनी बाईनरी भाषा में उसको समझता है ।

ऑपरेटिंग सिस्‍टम ही वह माध्‍यम है जिसके जरिये हम कम्‍प्‍यूटर को ऑपरेट कर पाते है ।

इसकी मदद से ही हार्डवेयर कार्य कर पाते हैं ।

ऑपरेटिंग सिस्‍टम एप्‍लीकेशन सॉफ्टवेयर और अन्‍य सॉफ्टवेयर को आसानी से चलाने में (रन कराने में ) मदद करता है ।

हम यह कह सकते हैं कि बिना ऑपरेटिंग सिस्‍टम कम्‍प्‍यूटर बस हार्डवेयर का एक डिब्‍बा है।

जिसे चलाने के लिये OS की आवश्‍यकता होती है ।

Full form of OS- Operating System

Types of Operating System (ऑपरेटिंग सिस्‍टम के प्रकार)

  1. Batch Processing Operating System (बैच प्रोसेसिंग ऑपरेटिंग सिस्‍टम)
  2. Multi Programming Operating (मल्‍टी प्रोग्रामिंग ऑपरेटिंग सिस्‍टम)
  3. Multitasking Operating System (मल्‍टी टास्‍किंग ऑपरेटिंग सिस्‍टम)
  4. Multi Processing Operating System (मल्‍टी प्रो‍सेसिंग ऑपरेटिंग सिस्‍टम)
  5. Time Sharing Operating System (टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्‍टम)
  6. Real Time Operating System (रियल टाईम ऑपरेटिंग सिस्‍टम)
  7. Distributed Operating System (डिस्‍ट्रीब्‍युटेड ऑपरेटिंग सिस्‍टम)

 

Batch Processing Operating System (बैच प्रोसेसिंग ऑपरेटिंग सिस्‍टम) :-

दूसरी पीढ़ी के कम्‍प्‍यूटर में यूज़ किया जाने वाला पहला ऑपरेटिंग सिस्‍टम बैच ऑपरेटिंग सिस्‍टम था ।

इस प्रकार के  ऑपरेटिंग सिस्‍टम में कार्य समूह में होता था ।

चूंकि उस समय हम कम्‍प्‍यूटर से डारेक्‍ट इंटररेक्‍ट नहीं कर सकते थे ।

हमें जो भी कार्य कम्‍प्‍यूटर पर करवाना होता था उस job को हम पहले पंचकार्ड में लोड करते थे ।

फिर उसे ऑपरेटर को दे देते थे ।

इस समय पंचकार्ड इनपुट डिवाइस का कार्य करता था ।

ऑपरेटर समान Types की jobs (समान लैग्‍वेज में लिखी गयी jobs जैसे कोबोल, फॉरट्रॉन) का एक बैच तैयार कर फिर उसे सी.पी.यू. में प्रोसेस के लिये इनपुट कर देता था ।  

Job – (set of instruction) निर्देशों और प्रोग्रामों का समूह होता है जिसे हम ऑपरेटिंग सिस्‍टम को execute करने के लिये देते हैं ।

 

बैच ऑपरेटिंग सिस्‍टम में सी.पी.यू. एक समय में एक ही job को प्रोसेस करता है ।

तथा एक job का प्रोसेस एक्‍सीक्‍यूशन के बाद दूसरी job को प्रोसेस करता है ।

एक job से दूसरी job में Switch करने पर CPU ideal (निष्‍क्रिय) हो जाता था जिससे प्रोसेसिंग में समय ज्‍यादा लगता था ।

इस प्रॉब्‍लम को Solve करने के लिये बाद में Resident  Monitor नामक प्रोग्राम बनाया गया ।

बैच ऑपरेटिंग में सी.पी.यू. में जब तक job प्रोसेस करके एक्‍जीक्‍यूट नहीं हो जाती तब तक यूज़र बीच में इंटरेक्‍ट नहीं कर सकता था ।

Multi Programming Operating (मल्‍टी प्रोग्रामिंग ऑपरेटिंग सिस्‍टम)

मल्‍टी प्रोग्रामिंग में Different यूज़र के Different job सी.पी.यू. में एक्‍जीक्‍यूट होते हैं  ।

इस ऑपरेटिंग सिस्‍टम में RAM में एक साथ सभी job लोड कर दिये जाते है ।

जब एक job 1  एक्‍जीक्‍यूट होती है तथा वह I/O के लिये जाती है ।

उसी समय सी.पी.यू. दूसरी job 2 प्रोसेस करने लगता है ।

जैसे ही job 2 I/O में जाती है ।

तब सी.पी.यू. next job प्रोसेस करने लगता है ।

इसी प्रकार मल्‍टीपल प्रोग्राम (एक से अधिक प्रोग्राम ) सी.पी.यू. में एक साथ एक्‍जीक्‍यूट होते हैं ।

इसका एडवांटेज यह होता है कि सी.पी.यू idle नहीं हो पाता तथा हम सी.पी.यू. का ज्‍यादा से ज्‍यादा उपयोग कर सकते है ।

Multitasking Operating System (मल्‍टी टास्‍किंग ऑपरेटिंग सिस्‍टम)

मल्‍टीटास्किंग ऑपरेटिंग सिस्‍टम में मल्‍टीप्रोग्रामिंग तथा टाइम शेयरिंग दोनों ही कॉन्‍सेप्‍ट का यूज़ होता है ।

multitasking operating system में हम एक साथ कई एप्‍लीकेशन का यूज़ कर सकते है ।

जैसे हम कम्‍प्‍यूटर पर  टाइपिंग के साथ-साथ गाने सुन सकते या इंटरनेट का यूज़ करते  है ।

मल्‍टीटास्किंग ऑपरेटिंग सिस्‍टम में भी सी.पी.यू एक निश्‍चित समय में एक ही एप्‍लीकेशन  रन करता है ।

एक एप्‍लीकेशन से दूसरी एप्‍लीकेशन में  सी.पी.यू इतने जल्‍दी स्‍वीच करता है कि User को इस बात का भ्रम होता है कि सभी software एप्‍लीकेशन एक साथ रन कर रही है ।

जबकि ऐसा नहीं होता है सी.पी.यू.  एक एप्‍लीकेशन के बाद दूसरी एप्‍लीकेशन  को रन करता है ।

 

Multi Processing Operating System (मल्‍टी प्रो‍सेसिंग ऑपरेटिंग सिस्‍टम)

मल्‍टी प्रोसेसिंग ऑपरेटिंग सिस्‍टम में जैसा कि नाम से ही पता चलता है कि इसमें एक से अधिक  प्रोसेसर का यूज़ किया जाता है । एक ही कम्‍प्‍यूटर में एक से अधिक प्रोसेसर का यूज़ किया जाता है जो आपस में कनेक्‍ट रहते है । इस प्रकार के ऑपरेटिंग सिस्‍टम में एक  समय में एक या एक से अधिक प्रोग्राम रन कर सकते है । जिससे कम्‍प्‍यूटर की स्‍पीड बूस्‍ट होती है और हमें रिजल्‍ट बहुत ही कम समय में प्राप्‍त हो जाता है ।

Time Sharing Operating System (टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्‍टम)

जैसा कि नाम से ही स्‍पष्‍ट है यहां पर प्रत्‍येक प्रोग्राम को प्रोसेस करने के लिये सी.पी.यू. का एक particular time दिया जाता है । प्रोग्राम को इसी समय में एक्‍जीक्‍यूट होना होता है । यदि किसी कारणवश program का execution नहीं हो पाता है । तो भी सी.पी.यू. उस प्रोगाम को छोड़कर अगले प्रोग्राम को प्रोसेस करने लगता है
। उसे भी निश्‍चित समय में ही एक्‍जीक्‍यूट होना होता है
। यदि एक्‍जीक्‍यूशन की प्रोसेस कम्‍प्‍लीट होती है तो अगले प्रोग्राम को एक्‍जीक्‍यूट करने लगता है । Time sharing ऑपरेटिंग सिस्‍टम में सी.पी.यू. का टाइम बराबर भागों में प्रोग्राम को दिया जाता है । फिर चाहे प्रोग्राम उस समय में प्रोग्राम एक्‍जीक्‍यूट हो अथवा ना हो ।

यदि कोई प्रोग्राम एक्‍जीक्‍यूट नहीं हो पाती है तो सी.पी.यू आगे के प्रोग्राम को एक्‍जीक्‍यूट कर वापस इस प्रोग्राम को एक्‍जीक्‍यूट करने में लग जाता है ।

Real Time Operating System (रियल टाईम ऑपरेटिंग सिस्‍टम)

रियल टाइम ऑपरेटिंग सिस्‍टम इस ऑपरेटिंग सिस्‍टम में कार्य बहुत कम समय अंतराल में ही  पूर्ण हो जाता है । मतलब आउटपुट बहुत जल्‍दी रियल टाइम में ही मिल जाता है । रियल टाइम ऑपरेटिंग सिस्‍टम का रिस्‍पाँस जल्‍द से जल्‍द प्राप्‍त होता है । इसका उपयोग साइंटिफिक रिसर्च, मेडिकल में तथा ट्राफिक सिंग्‍नल को कंट्रोल करने में किया जाता है ।

Distributed Operating System (डिस्‍ट्रीब्‍युटेड ऑपरेटिंग सिस्‍टम)

डिस्‍ट्रीब्‍यूटेड ऑपरेटिंग सिस्‍टम में कई कम्‍प्‍यूटर आपस में  नेटवर्क  द्वारा इंटरकनेक्‍ट होते है । इस ऑपरेटिंग सिस्‍टम में हर कम्‍प्‍यूटर का अपना मेमोरी यूनिट तथा सीपीयू होता है । अगर एक कम्‍प्‍यूटर ने काम करना बंद कर दिया तो बाकी दूसरे कम्‍प्‍यूटर उस फेल्‍ड कम्‍प्‍यूटर का लोड कवर कर  लेंगे । डिस्‍ट्रीब्‍यूटेड सिस्‍टम का सबसे बड़ा एडवांडेज  है कि हम लोड बैलेंसिंगि आसानी से कर सकते है ।